कर्नाटक सरकार ने राज्य के बाढ़ प्रभावित किसानों को बड़ी राहत देते हुए ₹1,033 करोड़ की अतिरिक्त सहायता जारी करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि यह राशि पहले वितरित की गई SDRF सहायता से अलग है और इसे किसानों को तुरंत राहत पहुंचाने के लिए जारी किया जा रहा है। सरकार के अनुसार, 14.58 लाख हेक्टेयर फसलें नष्ट हुईं और करीब 14.24 लाख किसान सीधा प्रभावित हुए हैं। लगातार भारी बारिश और बाढ़ ने इस वर्ष कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचाया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि SDRF प्रावधानों के तहत किसानों को पहले भी मुआवजा दिया गया था, लेकिन वास्तविक नुकसान अनुमान से काफी अधिक है। इसी वजह से राज्य सरकार ने किसानों को अतिरिक्त वित्तीय पैकेज उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने जानकारी दी कि घोषित राशि जिलों के उपायुक्तों को भेज दी गई है, जो इसे किसानों के खातों में ट्रांसफर करेंगे।
सरकार ने स्पष्ट किया कि किसानों को भुगतान आधार एनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AEPS) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा। राज्य सरकार का दावा है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और लाभार्थियों को राशि बिना किसी देरी के प्राप्त होगी।
सिद्धारमैया ने केंद्र सरकार से जल्द धनराशि जारी करने की मांग दोहराई। उन्होंने बताया कि राज्य पहले ही केंद्र को ₹1,521.67 करोड़ रिकवरी एवं पुनर्निर्माण सहायता, और ₹614.9 करोड़ मुआवजे हेतु प्रस्ताव भेज चुका है। राज्य सरकार ने यह भी अवगत कराया है कि बाढ़ और खराब मौसम से कुल संपत्ति नुकसान ₹3,455 करोड़ तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि केंद्र किसानों की स्थिति को देखते हुए जल्द से जल्द राहत राशि उपलब्ध कराएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की परेशानियों को कम करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य और केंद्र के संयुक्त प्रयासों से किसानों को समय पर राहत मिल सकेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 नवंबर को करेंगे कर्नाटक दौरा: इसी बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 नवंबर को कर्नाटक और गोवा के दौरे पर रहेंगे। सुबह 11:30 बजे वे उडुपी स्थित श्री कृष्ण मठ में आयोजित ‘लक्ष-कंठ गीता पारायण’ कार्यक्रम में शामिल होंगे, जहां एक लाख से अधिक प्रतिभागी विद्यार्थी, संत, विद्वान और आम नागरिक एक साथ श्रीमद् भगवद्गीता का सामूहिक पाठ करेंगे।
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