मध्यप्रदेश सरकार ने दलहन उत्पादक किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए चना और मसूर की सरकारी खरीद को अगले तीन वर्षों के लिए मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत कुल ₹3,174 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी उपज बेचने का भरोसा मिलेगा और बाजार में उतार-चढ़ाव का जोखिम कम होगा।
भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। यह व्यवस्था रबी विपणन सीजन 2026-27, 2027-28 और 2028-29 के लिए लागू रहेगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से दलहन उत्पादक किसानों को स्थिर बाजार और बेहतर मूल्य समर्थन मिल सकेगा।
राज्य में चना और मसूर की खरीद भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत की जाएगी। इसके संचालन की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ को सौंपी गई है। योजना के अनुसार, चना के कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत तक और मसूर का 100 प्रतिशत तक खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही किसानों को अतिरिक्त राहत देने के लिए इन फसलों पर मंडी शुल्क में भी छूट प्रदान की जाएगी।
सरकार ने इस खरीद प्रक्रिया के सुचारु संचालन के लिए कार्यशील पूंजी के रूप में अनुमानित ₹7,050 करोड़ की लागत का 15 प्रतिशत हिस्सा उपलब्ध कराने को मंजूरी दी है। इसके तहत प्रत्येक वर्ष ₹1,058 करोड़ की शासकीय गारंटी या अग्रिम राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इससे किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा और उन्हें अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
अन्य महत्वपूर्ण फैसलों को भी मंजूरी:
कैबिनेट बैठक में इसके अलावा कई अन्य विकास और जनकल्याण से जुड़े प्रस्तावों को भी हरी झंडी दी गई। राज्य में विभिन्न परियोजनाओं के लिए कुल ₹16,720 करोड़ की मंजूरी दी गई है। भोपाल में वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (FTRI) की स्थापना का निर्णय लिया गया है, जिससे प्रशासनिक दक्षता और वित्तीय पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा। शिक्षा क्षेत्र में भी अहम फैसले लिए गए हैं। आरटीई के तहत फीस प्रतिपूर्ति, पीएमश्री स्कूल योजना और कक्षा 9 से 12 तक छात्रों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए बजट स्वीकृत किया गया है।
FAQs:
1. चना और मसूर की खरीद कब तक होगी?
यह योजना 2026-27 से 2028-29 तक लागू रहेगी।
2. क्या MSP पर पूरी फसल खरीदी जाएगी?
चना का 25% और मसूर का 100% तक खरीदा जाएगा।
3. किसानों को भुगतान कब मिलेगा?
सरकार ने समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए फंड की व्यवस्था की है।
4. यह योजना किस स्कीम के तहत है?
यह खरीद PSS (Price Support Scheme) के तहत होगी।
5. किसानों को इससे क्या फायदा होगा?
MSP पर बिक्री, बाजार जोखिम कम और आय में स्थिरता मिलेगी।