Cyclone Arnab Latest Update: बंगाल की खाड़ी में सक्रिय अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ आंध्र प्रदेश के तट के बेहद करीब पहुंच गया है। IMD के के अनुसार तूफान का लैंडफॉल जारी है और अगले दो घंटों में इसके बापटला तथा विशाखापत्तनम के बीच, यानम के दक्षिण में तट पार करने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। तटीय इलाकों में भारी बारिश, तेज हवाओं और समुद्र के पानी के निचले क्षेत्रों में घुसने का खतरा बना हुआ है।
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात ‘अर्नब’ अब अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 28 अक्टूबर 2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार, तूफान पिछले तीन घंटों से लगभग एक ही स्थान पर बना हुआ था और सुबह 5:30 बजे भारतीय समयानुसार इसका केंद्र बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य हिस्से में आंध्र प्रदेश तट के बेहद करीब स्थित था। चक्रवात का केंद्र लगभग 16.4 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 82.0 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, तूफान का बाहरी बादली हिस्सा जमीन में प्रवेश करने लगा है और इसका केंद्र तट के बेहद करीब है। ऐसे में लैंडफॉल की प्रक्रिया अगले दो घंटों तक जारी रहने की संभावना जताई गई है।
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवात ‘अर्नब’ उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए आंध्र प्रदेश और यानम के तट के बीच, बापटला तथा विशाखापत्तनम के मध्यवर्ती तटीय क्षेत्र में यानम के दक्षिण से गुजर सकता है। तट से टकराने के दौरान हवा की अधिकतम निरंतर रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। वहीं, तेज झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
चक्रवात ‘अर्नब’ के तट से टकराने के दौरान समुद्र में अत्यधिक ऊंची लहरें उठने और तटीय इलाकों में पानी घुसने की आशंका है। IMD के अनुसार, आंध्र प्रदेश के निचले तटीय क्षेत्रों में खगोलीय ज्वार के स्तर से लगभग 1.5 से 2.5 मीटर ऊपर तक तूफानी लहरें उठ सकती हैं। काकीनाडा और यानम के आसपास समुद्री जलस्तर में सबसे अधिक वृद्धि होने की आशंका है। गोदावरी नदी के मुहाने के आसपास समुद्री लहरों की ऊंचाई 2 से 3.5 मीटर तक पहुंचने का अनुमान है। इससे नदी के मुहाने के निकट और निचले तटीय इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ सकता है।
समुद्र की स्थिति बेहद खतरनाक, मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह:
चक्रवात के प्रभाव से बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति लैंडफॉल तक अत्यंत विकट रहने का अनुमान है। तट पार करने के बाद समुद्र की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो सकता है। मछुआरों को समुद्र में जाने से बचना चाहिए और प्रशासन तथा मौसम विभाग की ओर से जारी समुद्री चेतावनियों का पालन करना चाहिए। समुद्र के किनारे रहने वाले लोगों को भी ऊंची लहरों और अचानक बढ़ते जलस्तर से सावधान रहना होगा।
चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में किसानों के लिए जरूरी सलाह:
चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से आंध्र प्रदेश और आसपास के पूर्वी तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं तथा बारिश का खतरा बना हुआ है। ऐसे में किसानों को अपनी उपज और कृषि संसाधनों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
FAQs:
1. चक्रवात अर्नब कहां पहुंचा है?
28 अक्टूबर 2026 की सुबह चक्रवात अर्नब आंध्र प्रदेश के तट के बेहद करीब था और लैंडफॉल की प्रक्रिया जारी थी।
2. चक्रवात अर्नब में हवा की रफ्तार कितनी हो सकती है?
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, हवा की निरंतर गति 115–125 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है।
3. Cyclone Arnab का लैंडफॉल कहां होने की संभावना थी?
चक्रवात के आंध्र प्रदेश और यानम तट के बीच बापटला तथा विशाखापत्तनम के मध्य, यानम के दक्षिण में तट पार करने का पूर्वानुमान था।
4. चक्रवात अर्नब से किन क्षेत्रों में समुद्री जलभराव का खतरा है?
काकीनाडा, यानम, गोदावरी नदी के मुहाने और आसपास के निचले तटीय क्षेत्रों में समुद्री पानी घुसने का खतरा बताया गया था।
5. चक्रवात अर्नब के दौरान किसानों को क्या करना चाहिए?
किसानों को कटी फसल और अनाज सुरक्षित रखना चाहिए, कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए और IMD तथा स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना चाहिए।