केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चैाहान ने विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक कर किसान आईडी, उर्वरक उपलब्धता और केंद्र सरकार की प्रमुख कृषि योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में किसानों को बेहतर सुविधाएं देने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक के दौरान मंत्री ने बताया कि अब तक 19 राज्यों में 9.25 करोड़ किसान आईडी तैयार की जा चुकी हैं। उन्होंने राज्यों के कृषि और राजस्व विभागों को मिलकर अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि अगले छह महीनों में 100% किसान आईडी का लक्ष्य हासिल किया जा सके। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि केवल पीएम-किसान लाभार्थियों तक सीमित न रहकर सभी पात्र किसानों का पंजीकरण किया जाए।
उर्वरकों की उपलब्धता पर चर्चा करते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों को किसी भी स्थिति में खाद की कमी नहीं होनी चाहिए। राज्यों को जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही तकनीक आधारित संतुलित वितरण प्रणाली लागू करने और जैविक व प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। सीमावर्ती क्षेत्रों में उर्वरकों की अवैध आवाजाही पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया।
PM-AASHA योजना के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर दलहन और तिलहन की खरीद की भी समीक्षा की गई। केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न राज्यों को चना, मूंग, उड़द, अरहर, सरसों, मसूर, मूंगफली और सूरजमुखी जैसी फसलों की खरीद की अनुमति दी गई है। मंत्री ने निर्देश दिए कि खरीद केवल FAQ (फेयर एवरेज क्वालिटी) मानकों के अनुसार ही की जाए।
मंत्री ने कहा कि किसानों से सीधे खरीद सुनिश्चित की जाए और उनकी उपज का उचित मूल्य मिले। खरीद केंद्रों पर आधार-आधारित पंजीकरण और बायोमेट्रिक या फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए। साथ ही भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से करने को कहा गया, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और बिचौलियों की भूमिका खत्म हो।
क्षेत्रीय कृषि सम्मेलनों की शुरुआत 7 अप्रैल से:
कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए देश को पांच कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित कर क्षेत्रीय कृषि सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। इसकी शुरुआत 7 अप्रैल से Jaipur में पश्चिमी क्षेत्र के सम्मेलन से होगी, जहां क्षेत्र विशेष की कृषि चुनौतियों और समाधान पर चर्चा की जाएगी।
विकसित कृषि संकल्प अभियान फिर से होगा शुरू:
मंत्री ने “विकसित कृषि संकल्प अभियान (VKSA)” को फिर से शुरू करने की जानकारी दी। पिछले वर्ष इस अभियान के तहत 728 जिलों के 60,000 से अधिक गांवों में वैज्ञानिकों ने किसानों से सीधा संवाद किया था। इस वर्ष मई महीने में 15–20 दिन का अभियान चलाने का प्रस्ताव है, जिसमें नई तकनीकों, उन्नत बीजों और आधुनिक खेती के तरीकों की जानकारी किसानों तक पहुंचाई जाएगी। इस अभियान में Indian Council of Agricultural Research और कृषि मंत्रालय का सहयोग रहेगा।
किसानों को उचित मूल्य और समाधान सुनिश्चित करने पर जोर:
बैठक के अंत में मंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना, शिकायतों का समय पर समाधान और पारदर्शी खरीद व्यवस्था सुनिश्चित करना राज्यों की जिम्मेदारी है। इन प्रयासों से ही कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाया जा सकता है और किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित होगी।
FAQs:
Q1. किसान आईडी क्या है?
किसान आईडी एक यूनिक पहचान संख्या है, जिससे किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिलता है।
Q2. उर्वरक उपलब्धता कैसे सुनिश्चित की जा रही है?
सरकार जमाखोरी रोकने और तकनीक आधारित वितरण प्रणाली लागू कर रही है।
Q3. MSP खरीद में कौन-कौन सी फसलें शामिल हैं?
चना, मूंग, उड़द, अरहर, सरसों, मसूर, मूंगफली और सूरजमुखी शामिल हैं।
Q4. DBT का क्या फायदा है?
DBT से भुगतान सीधे किसान के खाते में जाता है, जिससे पारदर्शिता बढ़ती है।
Q5. विकसित कृषि संकल्प अभियान क्या है?
यह अभियान किसानों को नई तकनीक और आधुनिक खेती की जानकारी देने के लिए चलाया जाता है।