Weather today: दक्षिण भारत के कई राज्यों में 18 से 23 अक्टूबर, 2026 के दौरान बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और लक्षद्वीप सहित कई क्षेत्रों में व्यापक बारिश हो सकती है। वहीं, कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। ऐसे में किसानों और आम लोगों को मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है।
मौसम विभाग के अनुसार, तटीय कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 18 से 23 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 18 अक्टूबर को बारिश हो सकती है।
उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय रह सकता है। 18 से 23 अक्टूबर के बीच इन राज्यों के कुछ हिस्सों में बारिश होने के आसार हैं। वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 19 अक्टूबर से बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, जो 23 अक्टूबर तक जारी रहने की संभावना है।
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बारिश का दौर रुक-रुककर जारी रहने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में 18 और 19 अक्टूबर के अलावा 21 से 23 अक्टूबर के बीच भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 20 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की भी आशंका जताई है।
केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। इन इलाकों में 18 से 23 अक्टूबर तक कहीं-कहीं तेज बारिश हो सकती है।
लक्षद्वीप में 20 से 23 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है, जबकि तटीय कर्नाटक में 20 से 22 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के साथ रायलसीमा में 18 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 17 और 20 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
आंधी, बिजली और तेज हवाएं चलने की आशंका:
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 18 अक्टूबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
उत्तर आंतरिक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 18 से 21 अक्टूबर तक 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इनके झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 19 से 21 अक्टूबर तथा तेलंगाना में 18 से 22 अक्टूबर तक भी तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 18 से 23 अक्टूबर तक गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है। केरल, माहे और लक्षद्वीप में 18 से 21 अक्टूबर तक, जबकि तटीय कर्नाटक में 18 से 21 अक्टूबर के दौरान बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश हो सकती है।
किसानों और आम लोगों के लिए जरूरी सलाह:
बारिश और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए किसानों को खेतों में कटाई के लिए तैयार फसलों, अनाज और कृषि उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था करनी चाहिए। जहां भारी बारिश का अनुमान है, वहां खेतों में जलभराव रोकने के लिए जल निकासी की व्यवस्था पर ध्यान दें। तेज हवा, बिजली और गरज-चमक के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचें। बिजली चमकने के समय पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े न हों।
मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है, इसलिए संबंधित राज्य के मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें।
FAQs:
1. दक्षिण भारत में 23 अक्टूबर, 2026 तक किन राज्यों में बारिश हो सकती है?
केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, लक्षद्वीप, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और आसपास के कुछ क्षेत्रों में बारिश की संभावना है।
2. तमिलनाडु में भारी बारिश कब हो सकती है?
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 18, 19 और 21 से 23 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर 20 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
3. क्या दक्षिण भारत में तेज हवाएं चलने की संभावना है?
हां, कुछ क्षेत्रों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
4. बारिश के दौरान किसानों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
किसानों को कटी फसल और अनाज सुरक्षित रखने, खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करने और बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचने की सलाह दी जाती है।
5. दक्षिण भारत के मौसम का ताजा अपडेट कहां देखें?
मौसम की ताजा जानकारी और आधिकारिक चेतावनियों के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की वेबसाइट और स्थानीय मौसम बुलेटिन देखें। खेती और मौसम से जुड़ी खबरों के लिए Khetivyapar पर भी जानकारी पढ़ सकते हैं।