जोड़ सूखने पर हड्डियाँ रगड़कर चरमराहट पैदा करती हैं।
कैल्शियम की कमी से जोड़ों में हल्की आवाज़ें बढ़ती हैं।
तेज़ गति से हिलने पर गैस बुलबुले फटकर आवाज़ देते हैं।
उम्र बढ़ने पर कार्टिलेज घिसकर हड्डियाँ बजने लगती हैं।
लंबे समय बैठने से जोड़ अकड़कर आवाज़ करने लगते हैं।
पुराने चोटों की कमजोरी से हड्डियाँ बार-बार क्रैक करती हैं।