• गन्ने के तने के अंदर लाल रंग का सड़न दिखाई देना
• गांठों पर सफेद धारीदार पैटर्न
• पत्तियाँ पीली होकर सूखना
• तना आसानी से टूटने लगता है
• रोगग्रस्त पौधों को तुरंत खेत से बाहर निकालें
• स्वस्थ और रोग-रोधी किस्मों का चयन करें
• 2–3 साल फसल चक्र बदलें
• स्वस्थ और प्रमाणित बीज गन्ना ही उपयोग करें, कमजोर या सड़े सेट न लगाएँ।